पहले बंद की पदयात्रा, अब एकांतवास का ऐलान; अंतिम संभालने में जुटे प्रेमानंद के भक्तों में निराशा क्यों?
संत प्रेमानंद महाराज ने पदयात्रा बंद कर एकांतवास का ऐलान किया है, जिससे उनके भक्तों में गहरी निराशा छा गई है. स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिए उन्होंने यह निर्णय लिया है, अब वे न दीक्षा देंगे न शिष्य बनाएंगे. यमुना किनारे कुटिया में एकांतवास कर रहे महाराज के दर्शन को तरस रहे श्रद्धालु चिंतित हैं, पर महाराज ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि वे उनके मन में सदैव रहेंगे.
10 दिन से पदयात्रा पर नहीं निकल रहे संत प्रेमानंद महाराज ने अब एकांतवास का ऐलान कर दिया है. उन्होंने भक्तों को संदेश देते हुए कहा है कि उन्हें अब अपना अंतिम संभालना है. उनके आनंद में प्रपंच घुस रहा था, इसलिए वह अब एकांतवास करेंगे. उन्होंने कहा कि अब न तो किसी को दीक्षा देंगे और ना ही शिष्य बनाएंगे. उन्होंने भक्तों को दिए संदेश में सभी को भजन करने को कहा है.
संत प्रेमानंद महाराज ने कहा कि वह अपने स्वास्थ्य और मानसिक शांति के उपाय करना चाहते हैं. इसी उद्देश्य से उन्होंने एकांतवास में जाने का फैसला किया है. एकांतवास में जाने से पहले उन्होंने अपने भक्तों से कहा कि उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है. कहा कि हम मिलें न मिलें, बोले न बोलें, लेकिन हम आप सबको बहुत प्यार करते हैं. इसलिए हम आपके मन और दिमाग में रहेंगे. उनकी दिली इच्छा है कि श्रीजी की कृपा सबको प्राप्त हो.
यमुना किनारे कर रहे एकांतवास
प्रेमानंद महाराज यमुना किनारे एक कुटिया में रहकर इस पुरुषोत्तम मास में एकांतवास कर रहे हैं. वह ज्यादातर समय अपनी कुटिया में अकेले ही रहते हैं. इसके लिए उन्होंने दस दिन पहले ही अपनी पदयात्रा बंद कर दी थी. स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने से एकांतिक वार्ता, एकांतिक दर्शन भी बंद कर दिया था. अब उन्होंने एक वीडियो इंटरनेट पर डालकर मौन साधना करने की बात कही है.
भक्तों में निराशा क्यों?
प्रेमानंद महाराज के एकांतवास के ऐलान पर उनके भक्तों में निराशा फैल गई है. उनके दर्शन के लिए दूर-दूर से आने वाले भक्त चिंतित हैं. मथुरा और वृंदावन में रहने वाले श्रद्धालु भी निराश हैं. बता दें कि प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए और उनसे आशीर्वाद लेने के लिए सैकड़ों की तादात में भक्त पूरी-पूरी रात पदयात्रा मार्ग पर खड़े रहते थे. उनके ऐलान के बाद भी इन दिनों में बड़ी संख्या में भक्त पदयात्रा मार्ग पर नजर आते हैं. उन्हें उम्मीद है कि प्रेमानंद पदयात्रा पर जरूर निकलेंगे.