ग्रेटर नोएडा: फर्जी ट्रेडिंग ऐप ठगी का नया तरीका, ITBP जवान से जालसाजों ने ऐंठे 51 लाख

ग्रेटर नोएडा में शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर ठगी का मामला सामने आया है. ITBP जवान से को लालच देकर 51 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई है. ठगों ने सोशल मीडिया पर महिला के जरिए फंसाकर फर्जी ट्रेडिंग ऐप पर निवेश करवाया. भरोसा जीतकर धीरे-धीरे बड़ी रकम हड़प ली.

सांकेतिक तस्वीर Image Credit:

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगी के मामलों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है. ताजा मामला ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर क्षेत्र से सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने फर्जी ट्रेडिंग ऐप से ITBP जवान से बड़ी रकम हड़प ली. ठगों ने एक महिला के जरिए जवान को अपने जाल में फंसाया और धीरे-धीरे 51 लाख रुपये का चूना लगा दिया.

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित जवान राजेश कुमार मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के गुमझून गांव के रहने वाले हैं. वह वर्तमान में ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर इलाके में रह रहे हैं. ITBP जवान को 26 अगस्त को सोशल मीडिया के माध्यम से ईशा देशाई नाम की एक महिला से बातचीत शुरू हुई. महिला ने खुद को शेयर बाजार की एक्सपर्ट बताता था.

पहले 5 हजार का मुनाफा दिखाया, पैसे भी भेजे

आरोपी महिला ने दावा किया कि वह अपने निर्देशन में निवेश कराकर 30 प्रतिशत तक मुनाफा दिला सकती है. महिला ने राजेश को गो मार्केट ग्लोबल सीएस प्लेटफॉर्म नाम के एक एप का लिंक भेजा और उसे डाउनलोड कराकर पंजीकरण कराया. शुरुआत में राजेश ने सिर्फ 10 हजार रुपये निवेश किए. कुछ ही दिनों में उन्हें 5 हजार रुपये का मुनाफा हुआ.

ठगों ने मुनापा दिखाया और उनके बैंक खाते में पैसे भी ट्रांसफर कर दिए. इससे उनका भरोसा पूरी तरह ठगों पर बन गया. इसके बाद ठगों ने राजेश को ज्यादा निवेश करने के लिए उकसाया. महिला और उसके साथी लगातार संपर्क में रहकर बड़े मुनाफे के सपने दिखाते रहे. राजेश कुमार ने इसके बाद धीरे-धीरे 51 लाख रुपये ठगों को दे दिए.

51 लाख लेने के बाद, पैसे निकालने पर नया पैंतरा

जवान राजेश कुमार ने 6 नवंबर तक कई बार में ठगों के बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में कुल मिलाकर करीब 51 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए. फर्जी एप पर उनका पोर्टफोलियो एक करोड़ रुपये से ज्यादा का दिखने लगा. जब जवान ने अपनी पूरी रकम निकालने की कोशिश की तो ठगों ने नया पैंतरा अपनाया, जिसके बाद उनको ठगी का अहसास हुआ.

पीड़ित जवान से कहा गया कि रकम निकालने के लिए पहले टैक्स और ट्रांसफर फीस जमा करने होंगे. जब राजेश ने और पैसे देने से इनकार किया, तो ठगों ने उनसे संपर्क पूरी तरह तोड़ दिया. मोबाइल नंबर बंद कर दिए गए और एप पर भी कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला. इसके बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई.

मुकदमा दर्ज, पुलिस की लोगों से सतर्क रहने की अपील

राजेश कुमार ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया. साइबर क्राइम थाना प्रभारी विजय सिंह राणा ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है. बैंक खातों मोबाइल नंबरों और एप से जुड़ी जानकारी खंगाली जा रही है. ठगों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं.

पुलिस के अनुसार साइबर ठग अब सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बताकर लोगों को फर्जी ट्रेडिंग एप डाउनलोड कराते हैं. फिर मोटा मुनाफा दिखाकर लाखों रुपये ठग लेते हैं. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर निवेश न करें न ही किसी संदिग्ध लिंक या एप को डाउनलोड करें.

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