मथुरा के ‘मिनी जामताड़ा’ में चला पुलिस का हंटर, पकड़े गए 42 साइबर ठग, ऐसे हुआ खुलासा

मथुरा पुलिस ने साइबर अपराधियों के गढ़ माने जाने वाले देवसेरस गांव में बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया. 'मिनी जामताड़ा' के नाम से प्रसिद्ध इस गांव से पुलिस ने 42 साइबर ठगों को उठाया है. इस ऑपरेशन का उद्देश्य गांव में छिपे सक्रिय अपराधियों और उनकी गतिविधियों पर नकेल कसना था.

मथुरा के देवसेरस गांव में पुलिस की रेड Image Credit:

मथुरा के गोवर्धन थाना क्षेत्र के देवसेरस गांव में गुरुवार तड़के एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया. देवसेरस गांव को अब ‘मिनी जामताड़ा’ के नाम से भी जाना जाने लगा है, क्योंकि यहां के अपराधी साइबर क्राइम में महारत रखते हैं. पुलिस की अचानक छापेमारी देखकर कई लोग भागने लगे, लेकिन पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और 42 साइबर ठगों को पकड़ा.

यह ऑपरेशन मथुरा पुलिस की सुनियोजित रणनीति का हिस्सा था. दविश के दौरान जिले के कई थानों का फोर्स गांव में मौजूद रहा, जिसने अपराधियों के संभावित ठिकानों पर गहन तलाशी ली. हालांकि, इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन से स्थानीय थाना पुलिस, क्षेत्राधिकारी और इलाके के एडिशनल एसपी को दूर रखा गया था.

चार SP, 4 सीओ, 26 इंस्पेक्टर और 350 पुलिस

देवसेरस गांव को साइबर ठग मेन जोन माना जाता है. यहीं से ठगी का पूरा सिस्टम ऑपरेट होता है. यह गांव दो अन्य राज्यों के बॉर्डर के पास स्थित है. जब भी पुलिस की कार्रवाई होती है, साइबर ठग दूसरे राज्य में भाग जाते हैं और फिर कुछ समय के लिए गांव में नजर नहीं आते हैं. यहां से ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग का नेटवर्क चलता है.

पुलिस ने देवसेरस गांव के अलावा मोडसेरस, मंडौरा और नगला मेव गांव में भी छापेमारी की. सुबह-सुबह ही इन गांव से थोड़ी दूर पर पुलिस की गाड़ियां आकर रुकीं. फिर एक-एक कर जवान गाड़ियों से उतरने लगे. टीम में चार SP, 4 सीओ, 26 इंस्पेक्टर और करीब 350 पुलिस और PAC के सिपाही शामिल थे.

42 हिरासत में, जबकि 120 लोग फरार होने में सफल

पुलिस की टीम खेत की पगडंडियों से होते हुए इन गांवों में दाखिल हुई. अचानक पुलिस की रेड से गांवों में हड़कंप मच गया. साइबरी ठगी में शामिल लोग इधर-उधर भागने लगे. पुलिस वालों ने उन्हें दौड़ाकर पकड़ा. खेतों में छिपे लोगों को ढूंढकर निकाला. पुलिस ने कुल 42 लोगों को हिरासत में लिया, जबकि करीब 120 लोग गांवों से भागने में सफल रहे.

पुलिस ने गावों में 12 घंटे तक कुल 300 घरों की तलाशी ली. शाम छह बजे तक यह कार्रवाई चली. इस दौरान दर्जनों मोबाइल, सिमकार्ड और डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं. फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है. एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि इनके तार बड़े साइबर क्राइम रैकेट से जुड़े हो सकते हैं.

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