स्वतंत्र एजेंसी से हो राममंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी की जांच, सपा नेता ने उठाए सवाल, पूछा-जांच से क्यों भाग रहे जिम्मेदार?
राम मंदिर अयोध्या के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी पर सपा नेता पवन पांडेय ने गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की है. पांडेय ने कहा कि जब संघ परिवार से जुड़े व्यक्ति ने ही आरोप लगाए हैं, तो ट्रस्ट को पारदर्शिता दिखाते हुए जांच में सहयोग करना चाहिए ताकि सत्य सामने आ सके और रामभक्तों का विश्वास बना रहे.
राममंदिर अयोध्या में कथित तौर पर चढ़ावे में गड़बड़ी का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा. सपा के वरिष्ठ नेता पवन पांडेय ने इस मुद्दे को हवा देते हुए कई सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि यह मामला किसी व्यक्ति या ट्रस्ट का नहीं, बल्कि लाखों करोड़ों लोगों की आस्था का है. उन्होंने मामले पर चिंता जताते हुए निष्पक्ष और स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है. सपा नेता पवन पांडेय ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का प्रतीक है.
देश-विदेश से आने वाले रामभक्त अपनी श्रद्धा अनुसार चढ़ावा अर्पित करते हैं. यह चढ़ावा केवल आर्थिक मूल्य का नहीं, बल्कि भावनाओं और विश्वास का विषय है. ऐसे में जब संघ परिवार से जुड़े महिपाल सिंह ने इस चढ़ावे में कथित डकैती और अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं तो यह मामला और गंभीर हो जाता है. इसकी स्वतंत्र जांच जरूरी है. उन्होंने सवाल किया कि यह मर्यादा की भूमि है और यहां के जिम्मेदार मर्यादा का पालन करने में पीछे क्यों हट रहे हैं. यह स्थिति उस समय है जब भारतीय जनता पार्टी के भी कई वरिष्ठ नेताओं और समाज के लोगों ने भी इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
उठाए गंभीर सवाल
सपा नेता पवन पांडेय के मुताबिक महिपाल सिंह ने जिन लोगों के नाम लिए हैं और यह बताया है कि उन्होंने पहले ही ट्रस्ट के सदस्यों को सूचित किया था, तो इन सभी आरोपों की जांच विश्वसनीय एजेंसी से क्यों नहीं कराई गई. यदि ट्रस्ट के सदस्य निर्दोष हैं तो उन्हें खुद आगे आकर जांच की बात करनी चाहिए. उन्हें तत्काल पद से त्यागपत्र देकर पारदर्शिता दिखानी चाहिए. इससे सत्य सामने आएगा और रामभक्तों का विश्वास और मजबूत होगा. उन्होंने अयोध्या की पवित्रता का जिक्र करते हुए कहा कि यह कोई साधारण भूमि नहीं है.
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इमानदारी से आना चाहिए जवाब
उन्होंने कहा कि यह मर्यादा, सत्य, त्याग और धर्म की भूमि है. यहां यदि आस्था से जुड़े किसी विषय पर सवाल उठते हैं तो उनका जवाब पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता से दिया जाना चाहिए. समस्त रामभक्त केवल इतना चाहते हैं कि इस पूरे मामले की बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई हो और यदि आरोप गलत हैं तो उसे भी स्पष्ट किया जाए. उन्होंने सभी पक्षों से जांच में सहयोग की भी अपील की है. कहा कि प्रभु श्रीराम की नगरी में सत्य की स्थापना और आस्था की रक्षा ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी है.