किरायेदार ही निकला कारोबारी के बेटे का अपहरणकर्ता, फिरौती मांगने के चंद घंटे बाद ही पुलिस ने मार गिराया

चित्रकूट में बदमाशों ने कारोबारी अशोक केसरवानी के 14 साल के बेटे का पहले अपहरण किया. फिर 40 लाख की फिरौती मांगी. रकम नहीं मिलने पर बच्चे की गला घोंट कर हत्या कर दी. अब इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है. वहीं, दूसरे आरोपी के पैर में गोली लगी है.

चित्रकूट में कारोबारी के बेटे की अपहरण कर हत्या Image Credit:

चित्रकूट से एक दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है. यहां बदमाशों ने एक 14 साल के बच्चे का अपहरण किया. फिर उसके परिवार से 40 लाख की फिरौती मांगी. फिरौती की रकम ना मिलने पर बदमाशों ने बच्चे की हत्या कर दी. दरअसल. दो बदमाशों ने कपड़ा कारोबारी अशोक केसरवानी के बेटे आयुष का गुरुवार शाम 6 बजे अपहरण कर लिया. फिर दो घंटे बाद व्हाट्सएप पर 40 लाख रुपये की डिमांड की.

व्हाट्सएप पर अशोक केसरवानी को फिरौती के लिए जो मैसेज आया था, उसमें लिखा था कि जल्दी पैसा भेजो, नहीं तो बच्चे को मार देंगे. कारोबारी ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी. पुलिस रातभर बच्चे की तलाश करती है. जिस नंबर से कॉल आया था उसकी लोकेशन कारोबारी के घर से सिर्फ 100 मीटर दूर ट्रेस किया गया.

एक आरोपी ढेर, दूसरे के पैर में लगी गोली

100 मीटर दूर इस घर में इरफान नाम का शख्स रहता है. पुलिस उसके घर पहुंची तो वहां ताला लगा हुआ एक बक्सा मिला. पुलिस ने बक्से का ताला तोड़ देखा तो उसमें आयुष के शव की बरामदगी हुई. अब चित्रकूट पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ में मुख्य आरोपी अकरम उर्फ कल्लू ढेर कर दिया. वहीं, दूसरे आरोपी को पैर में गोली लगी है. SSP सत्यपाल सिंह ने बताया कि आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से बच्चे की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव कमरे में रख फरार हो गए थे.

पुलिस के मुताबिक गुरुवार देर शाम आयुष अपने दोस्तों के साथ खेलने गया था. यहीं से अकरम उर्फ कल्लू और इरफान उसका अपहरण कर लिया गया. दो घंटे बाद फिरौती की रकम की मांग की गई. रकम नहीं मिलने पर बच्चे की हत्या कर दी. अब बच्चे के घरवाले 1000 से ज्यादा लोगों के साथ नेशनल हाईवे जाम कर प्रदर्शन कर रहे हैं. पुलिस उन्हें समझाने की कोशिश कर रही है. उधर बच्चे की मौत के बाद उसकी मां आरती केसरवानी का रो-रोकर बुरा हाल है.

पहले कारोबारी के घर किराए पर रहते थे आरोपी

पुलिस जांच के मुताबिक प्रयागराज के शंकरगढ़ के रहने वाले कल्लू और इरफान पहले कारोबारी के घर पर ही किराए पर रहते थे. कारोबारी ने 10 सितंबर को दोनों से कमरा खाली करा लिया था. दोनों कारोबारी के घर से महज 100 मीटर दूर दूसरे मकान में किराए पर रहने लगे थे. यहां दोनों बक्सा बनाने का काम करते थे.

साइकिल सिखाने के बहाने किया अपहरण

दोनों बदमाश इरफान और कल्लू कई दिनों से आयुष का अपहरण करना चाहते थे. अपहरण को अंजाम देने के लिए वे कुछ दिनों से बाइक आयुष को साइकिल सिखा रहे थे. इस दौरान गुरुवार को साइकिल सिखाने के बहाने ही दोनों अपहरण कर लिया. फिर दोनों ने अनजान नंबर से कारोबारी से फिरौती मांगी. अशोक ने फिरौती की रकम देने की बजाय पुलिस को सूचना दे दी.