इधर पुलिस कर रही तलाश, उधर 92 करोड़ की संपत्ति कुर्क; स्क्रैप माफिया रवि काना पर कसा शिकंजा
स्क्रैप माफिया रवि काना को बी वारंट के बावजूद जेल से रिहा कर दिया गया, जिसके बाद से वह लापता है. कोर्ट की सख्ती के बाद यूपी के 15 जिलों में पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश जारी है. इस बीच गैंगस्टर एक्ट के तहत उसके 93 करोड़ की अवैध संपत्तियां कुर्क की गई हैं.
ग्रेटर नोएडा पुलिस ने स्क्रैप माफिया रवि नागर उर्फ रवि काना के खिलाफ कठोर कार्रवाई की है. गैंगस्टर एक्ट के तहत उसके और उसके गिरोह की ₹92 करोड़ 65 लाख से अधिक की अवैध संपत्तियां कुर्क की गई हैं. यह गिरोह सरिया चोरी, जबरन वसूली जैसे अपराधों में लिप्त था और दिल्ली-एनसीआर में भय का माहौल बना रखा था.
बता दें कि बीते दिनों रवि काना को बी वारंट जारी होने के बावजूद बांदा जेल से रिहा कर दिया गया था. इसपर नोएडा कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए जेल प्रशासन तलब किया. साथ ही आरोपी रवि काना के खिलाफ नया वारंट जारी किया था. रवि काना रिहाई के बाद से लापता चल रहा, पुलिस उसे पकड़ने के लिए यूपी के 15 जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है.
बुलंदशहर और दिल्ली-NCR क्षेत्र में फैला रखा था डर
स्क्रैप माफिया रवि काना एक संगठित आपराधिक गिरोह का सरगना है, जिसका गैंग कमिश्नरेट में पंजीकृत है और जिसमें कुल 18 सदस्य शामिल हैं. कोर्ट के आदेश पर रवि काना और उससे संबंधित कंपनियों, फर्मों एवं बैंक खातों की कुल 92 करोड़ 65 लाख 77 हजार 551 रुपये की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति जब्त एवं कुर्क की गई है.
जांच में सामने आया है कि रवि काना अपने गिरोह के साथ मिलकर सरिया एवं स्क्रैप कारोबारियों को डराने-धमकाने, चोरी, लूट और जबरन वसूली जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त रहा है. गिरोह की गतिविधियां नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर तथा दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में फैली हुई थीं, जिससे आम जनता और निवेशकों में भय का माहौल था.
रवि काना पर 29, उसके गैंग के सदस्यों पर 131 केस दर्ज
स्क्रैप माफिया रवि काना के खिलाफ कुल 29 आपराधिक मुकदमे और उसके गैंग के सदस्यों पर 131 केस दर्ज हैं. रवि काना ने इससे पहले अग्रिम जमानत की शर्तों का उल्लंघन करते हुए अपना पासपोर्ट जमा नहीं किया और 1 जनवरी 2024 को विदेश चला गया था. बाद में उसे 24 अप्रैल 2024 को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था.